महाविद्यालय की वेबसाइट www.gdcpalia.com पर प्रवेश आवेदन ऑनलाइन भरे जायेगे।
- स्नातक पाठ्यक्रम के अन्तर्गत-बी0ए0 प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ परिषद से इण्टरमीडियट/उत्तर मध्यम की परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक व बी0काॅम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।
- महाविद्यालय की वेबसाइट पर प्रवेश फार्म आॅनलाइन कराने की तिथि के उपरान्त महाविद्यालय द्वारा सूचना पटट् में मेरिट सूची चस्पा की जायेगी।
- अनुसूचित जाति /अनुसूचित जन जाति वर्ग के प्रवेशार्थियो को शासन के नियमानुसार अंको में छूट प्रदान की जायेगी।
- बी0ए0/बी0काॅम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए इण्टरमीडियट परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त वर्ष का अन्तराल (गैप) विश्वविद्यालय नियमानुसार अनुमान्य होगा।
- लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा निर्धारित एवं मान्य बोर्ड द्वारा इण्टरमीडियट व उत्तीर्ण छात्रो का प्रवेश अनुमान्य होगा, यदि विश्वविद्यालय द्वारा कोई प्रवेश इस आधार पर निरस्त किया जाता है। तो उसके लिए महाविद्यालय उत्तरदायी नही होगा।
- महाविद्यालय में प्रवेश की काउन्सलिग के समय प्रवेशार्थियो के पास मूल अंकपत्र/प्रमाण-पत्र /चरित्र व स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
- प्रवेशार्थियो द्वारा आॅनलाइन प्रवेश फार्म में किसी प्रकार की जानकारी छिपाई व गलत दर्शायी जाती है तो महाविद्यालय प्रवेश समिति द्वारा प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।
- उत्तर प्रदेश शासन तथा लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ के आदेशानुसार प्रत्येक छात्र/छात्रा की उपस्थिति कक्षा में 75 प्रतिशत होनी अनिवार्य है। अन्यथा उसे परीक्षा, छात्रवृत्ति/शुल्कप्रतिपूर्ति से वंचित किया जा सकता है। प्रत्येक विद्यार्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे महाविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रर्मो, समारोहों, जयन्तियों और प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता करते हुए महाविद्यालय में गरिमायुक्त आचरण करें तथा अध्ययनशील रहे।
- महाविद्यालय में व्यर्थ घूमना, बाहरी व्यक्ति को लाना, प्राचार्य की अनुमति के बिना कोई आयोजन करना प्रतिबन्धित है।
- महाविद्यालय की शान्ति भंग करना, धूम्रपान करना, नशीले पदार्थो का सेवन, पान मसाला खाना, मोबाइल का अनुचित प्रयोग करना, शोर मचाना, सीटी बजाना, अस्त्र-शस्त्र लाना वर्जित है।
- महाविद्यालय परिसर भवन एवं दीवारो को गन्दा करना, महाविद्यालय की सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त करना, कक्षा कुर्सी निकाल कर बाहर बैठना, व्याख्यान कक्ष को अस्त-व्यस्त करना अनुशासनहीनता मानी जायेगी।
- महाविद्यालय के शिक्षको/कर्मचारियो के साथ दुव्र्यहार करना घोर अनुशासनहीनता मानी जायेगी और उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी जिसमें उनका निष्कासन भी सम्मिलित है।
- प्रत्येक विद्यार्थी प्रतिदिन अपना परिचय पत्र अपने साथ लायेगा। प्राचार्य/अनुशासन मण्डल के सदस्यो एवं प्राध्यापको द्वारा माॅगे जाने पर प्रस्तुत करना होगा।